एटिट्यूट ने मार डाला ! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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मंगलवार, 11 अक्तूबर 2016

एटिट्यूट ने मार डाला !

सफलता केवल शोहरत की जननी नहीं होती, एटिट्यूट या कहिए नखरे को भी जन्म देती है। सितारों में ये नखरे खूब देखे जाते हैं। जरा सी सफलता क्या मिली, नखरे आसमान छूने लगते हैं। बड़े घरानों के बड़े सितारों की नकल होने लग जाती है। लेकिन ये एटिट्यूट बॉलीवुड में बाहर से गये सितारों के लिए कितने खतरनाक साबित होते हैं-बता रहे हैं फिल्म पत्रकार नवनीत चौधरी


बॉलीवुड में कुछ दिन पहले खबर थी कि कंगना से अपने झगड़े के बाद रितिक ने उन्हें 'एस्पर्गर्स सिंड्रोम' का शिकार बताया था ये एक ऐसी बीमारी है जिसके बाद इंसान कल्पनाओं को सच मानने लगता है। चूंकि मामला आम चर्चा से होते हुए कोर्ट तक पहुंच चुका था लिहाजा कंगना ने भी रितिक में मेंटल इश्यूज बता दिये। दोनों को क्या ये समस्याएं वाकई हैं ये तो वो खुद और उनके डॉक्टर ही बेहतर जानें लेकिन इस मामले ने इस ओर तो इशारा कर ही दिया कि कई कलाकारों के बारे में कोई मनोभाव ज्यादा हावी होने की जो बातें कही जाती रही हैं वो सिर्फ गाशिप नहीं हैं। यहां इगो, सुपर इगो और नखरों से लैस स्टार तो हैं ही साथ ही इमोशंस के आगे हार मानने वाले उदाहरण भी देखने को मिल जाते हैं।
रंगीन दुनिया में स्टारडम की लड़ाई हर वक्त चलती है इसी को लेकर नोंक झोंक होती है जो कई बार स्थिति हाथापाई तक में बदल जाती है। इस बात को लेकर बॉलीवुड को जानने वाले कई वाकयों का जिक्र करते हैं। कहते हैं कि एक बार शाहरुख खान अपने दोस्त की पार्टी में गये थे जहां उन्हें डायरेक्टर फराह खान के पति शिरीष कुंदर की कोई बात इतनी खराब लगी कि उन्होंने हाथ उठा दिया। हम आपको बता दें कि शाहरुख और सलमान का झगड़ा भी एक पार्टी में शुरू हुआ था जिसे सुलटने में कई साल लग गये। जहां तक बात सलमान की है तो उनके मूडी स्वभाव के कई किस्सों का जिक्र होता है। लोग कहते हैं कि जिन दिनों सलमान और ऐश का अफेयर चल रहा था तो किसी बात से गुस्सा होकर वो ऐश्वर्या के सेट पर पहुंच कर कोहराम मचा डाला। बताते हैं कि फ़िल्म एक था टाइगरकी शूटिंग के दौरान सलमान एक बार वैनिटी वैन से निकलने को तैयार नहीं थे। जब एक स्पॉट बॉय सलमान को शूटिंग के लिए बुलाने गया तो उन्होंने कहा कि जब उनका मन होगा तब ही वो बाहर आकर फिल्म की शूटिंग करेंगे। इसके बाद पूरा क्रू बैठा रहा। आखिरकार बाद में शूट कैंसिल करनी पड़ी। सलमान के ऐसे मूड का जिक्र कोई उनसे तो दूर उनके घरवालों से भी नहीं कर पाता। लोग बताते हैं कि सिकन्दर खेर एक बार पब में सलमान के बारे में कुछ गलत बोल गये थे। गलती से वहां सलमान के छाटे भाई सोहेल भी थे, बात सुनने के बाद दोनों का तमाशा पार्टी में मौजूद सभी लोगों ने देखा।
बॉलीवुड में ईगो की बात केवल बड़े स्टार्स तक ही सीमित नहीं है। पैर जमाने की कोशिश कर रहे कलाकार भी किसी से कम रहना नहीं चाहते। अपनी कॉमेडी से गुदगुदाने वाले रितेश देशमुख किसी बात से नाराज होकर एक बार रियलिटी शो की शूटिंग को बीच में छोड़कर आ गए थे। तो औरंगज़ेबके एक प्रमोशनल इवेंट में जाने के लिए अर्जुन कपूर ने कई दूसरे के साथ कार शेयर करने से मना कर दिया था।
नखरों और मूडी होने के मामले में हीरोइनें भी कम नहीं हैं। बताते हैं कि कैटरीना कैफ ने तो एक फ्लाइट में बड़ा हंगामा कर दिया था। दरअसल एक एयरहोस्टेस ने थप-थपाकर उन्हें नींद से जगाते हुए सीट बेल्ट बांधने की सलाह दी थी। इसके बाद उनका गुस्सा एयरहोस्टेस के माफी मांगने के बाद ही शांत हुआ। मर्डर 2’ की शूटिंग के दौरान बंगाली बाला बिपाशा बसु को एक आइटम सांग से निकाल दिया गया था क्योंकि वो सिर्फ अपनी पसंद की कोरियोग्राफर के साथ ही काम करना चाहती थी। बॉलीवुड के जानकार कहते हैं कि मल्लिका शेरावत को भी परफेक्ट दिखने की आदत है। खुद को परफेक्ट दिखाने के लिए वो निर्देशक के मना करने के बाद भी री-टेक देती हैं। सनी लियोनी बॉलीवुड में भले ही नई हो लेकिन इनके मूड के किस्सों ने भी काफी अचंभे में डाल दिया। उन्होंने एक शूट के दौरान यह बोला था कि अगर मीडिया को उनसे दूर नहीं रखा गया, तो सेट छोड़ कर चली जाएंगी। मजबूरी में पूरे मीडिया को शूट से हटाना पड़ा।
फिल्म के मुकाबले पर्दा भले छोटा हो लेकिन कई टीवी कलाकारों के मूड की भी ऐसी कहानियां हैं जो अरसे तक चर्चा में रही हैं। राजा चौधरी के तमाशों को कौन भूल सकता है कभी पत्नी श्वेता तिवारी के साथ गाली गलौज तो कभी साथी कलाकारों के साथ हाथापाई, राजा का सामान्य व्यवहार क्या है शायद ही कोई समझा हो।
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की कलाकार बबिताजी और अय्यर के बीच भी झगड़ा हुआ। सेट पर बबिताजी अपने शूट के लिए तैयार थी पर अय्यर अपने खेल में बिजी थे। बबिता को जब इस बारे में पता चला तो उन्हें बहुत ग़ुस्सा आ गया। बबिता अय्यर के पास गई और लड़ना शुरू कर दिया। अभी दोनों के बीच लड़ाई इतनी बढ़ गई है कि दोनों एक दूसरे के साथ खड़े भी नहीं रहना चाहते हैं।
जहां कई कलाकारों ने अपने इगो और मूड से दूसरों को परेशान किया है वहीं कई कलाकार दूसरों के बर्ताव से परेशान भी हुए हैं। 'भाभी जी घर पर हैं'  में अंगूरी की भूमिका निभाने वाली एक्‍ट्रेस शिल्‍पा शिंदे ने सीरियल के प्रोड्यूसर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मानसिक यातना और कॅरियर की चिंता के डर से उन्‍हें यह सीरियल छोड़ना पड़ा। शिल्‍पा ने प्रोड्यूसर बेनाफर कोहली को 'सेट का आतंक' बताया।




शिल्‍पा ने बताया कि चैनल और प्रोडक्‍शन हाउस ने उनका मानसिक शोषण किया। चैनल और प्रोडक्शन हाउस ने कहा था कि वे अनप्रोफेशनल हो गई हैं और सेट पर नखरे दिखाने लगी हैं। बालिका वधूमें आनंदी का किरदार निभाने वाली प्रत्यूषा बनर्जी की कथित खुदकुशी को भी कई लोग उनके प्रेमी के अजीब बर्ताव को बता रहे हैं। उनकी करीबी दोस्त बॉलीवुड अभिनेत्री और आइटम गर्ल राखी सावंत ने कहा कि प्रत्यूषा अपने प्रेमी राहुल राज सिंह के साथ अपने संबंधों को लेकर तनाव में थीं। मूल रूप से झारखंड के जमशेदपुर की रहने वाली प्रत्यूषा ने टीवी धारावाहिक बालिका वधूमें छोटी आनंदी (अविका गौर) के बाद उस किरदार को बखूबी निभाया था और घर-घर में पहचानी जाने लगी थी।
इसी क्रम में अमर उपाध्याय के कैरियर की कहानी को नहीं भूला जा सकता। क्योंकि सास भी बहू थी...धारावाहिक की लोकप्रियता से घर घर में चर्चा हासिल की थी। आकर्षक नैन नक्श और कद काठी के अमर उपाध्याय को सीरियल में स्मृति ईरानी के अपोजिट काफी पसंद भी किया गया था। लेकिन तभी अमर उस लोकप्रियता को आधार बनाकर बड़े पर्दे पर एंट्री करने की तैयारी की और धारावाहिक प्रोड्यूसर एकता कपूर से मतभेद भी कर लिये। नतीजा यह हुआ है कि अमर को ना माया मिली ना राम। फिल्म तो चली नहीं और बालाजी प्रोडक्शन हाउस से रिश्ता भी खराब हो गया, जिसकी चर्चा इंडस्ट्री में हुई तो अमर को काम मिलना मुश्किल हो गया।
हाल फिलहाल कॉमेडी किंग के नाम से मशहूर हुए घर घर में चर्चित कॉमेडी स्टार कपिल शर्मा भी उसी राह चलते दिख रहे हैं। कलर्स से विवाद के बाद कपिल अपना शो सोनी चैनल पर प्रस्तुत कर रहे हैं लेकिन कलर्स जैसी टीआरपी उन्हें यहां नहीं मिल रही है।      

बॉलीवुड के जानकार कहते हैं कि ये सच है कि जब किसी कलाकार को बहुत प्रसिद्धि मिल जाती तो उसके लिए सफलता को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई बार सफलता के नशे में डूबा व्यक्ति ठीक से सोच भी नहीं पाता कि वह क्या फैसले ले रहा है। उसका अपनी भावनाओं और व्यवहार पर काबू नहीं रह जाता लेकिन हर बार दोषी सफलता ही नहीं होती। हालांकि कई बार ऐसे हालात भी हो जाते हैं जिसके चलते वो खुद को ऐसा दिखाते हैं जैसा वो कभी दिखना नहीं चाहता। लेकिन ऐसा कभी कभार ही होता है।
(पिक्चर प्लस जुलाई-अगस्त 2016 में प्रकाशित)

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