समय कैसे निकल गया पता ही नहीं चला-लता मंगेशकर - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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गुरुवार, 28 सितंबर 2017

समय कैसे निकल गया पता ही नहीं चला-लता मंगेशकर

एक चांद है,एक सूरज है और एक लता मंगेशकर है-जावेद अख़्तर

28 सितंबर, 1929 को लता मंगेशकर का हुआ जन्म
 पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को इस बात का अहंकार है कि उसके पास वो सबकुछ है जोकि हिन्दुस्तान में है, लेकिन जिन चीज़ों को लेकर उसके शासकों के मन में हमेशा मलाल रहता है, वो हैं- ताजमहल और लता मंगेशकर। यानी लता की शख्सियत एक अजूबा ही है, जिनकी खासियत उनकी उम्र की सीमा से परे है। जन्मदिन पर खुद लता मंगेशकर ने कहा कि मैंने उम्र को कभी महसूस ही नहीं किया। मैं आज भी युवावस्था महसूस करती हूं।
  
क्यों नहीं की शादी?  

लता मंगेशकर एक बलिदान का भी नाम है। जिनको देश ही नहीं बल्कि सारा जहान दिलों जान से चाहता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उन्होंने विवाह क्यों नहीं किया? अपना घर क्यों नहीं बसाया? कई बार लोगों ने लता मंगेशकर से उनकी निजी जिंदगी और शादी के बारे में भी सवाल पूछे, लेकिन हर बार उन्होंने इन सवालों को टाल दिया। उनके मुताबिक संगीत को ही उन्होंने अपना सारा जीवन न्योछावर कर दिया।  

के.एल. सहगल से हुआ पहला प्यार!

कई इंटरव्यू और साक्ष्यों के अध्ययन के बाद लता की निजी जिंदगी के कई राज़ सामने आते हैं। पहला तो यही कि वो बचपन से ही गायक के.एल.सहगल की दीवानी थीं। उन्होंने मजाक ही मजाक में कई बार इंटरव्यू में कहा भी था कि वो सहगल साहब से शादी करना चाहती थीं। क्योंकि उनको सहगल की आवाज़ और व्यक्तित्व बहुत पसंद था।


दो महान गायक कलाकार : लता मंगेशकर और भूपेन हजारिका

भूपेन हजारिका से भी जुड़ा नाम!

लता मंगेशकर की निजी जिंदगी का दूसरा किस्सा गायक भूपेंद्र हजारिका के साथ जोड़ा जाता है। कहा जाता है भूपेन हजारिका से लता के अच्छे ताल्लुकात थे जिसे दुनिया प्यार का रिश्ता मानती थी। उनके संबंधों को लेकर भूपेंद्र हजारिका की पत्नी ने ही जुबान खोली थी।  

असित सेन और सी. रामचंद्र से भी था अफेयर?

लता मंगेशकर का नाम निर्देशक असित सेन से भी जोड़ा जाता है। जिसके बाद संगीतकार सी. रामचंद्र के साथ लता मंगेशकर के रिश्तों ने उन दिनों खूब चर्चा बटोरी थी। सन् 1949 से 1958 तक लता मंगेशकर और सी. रामचंद्र ने एकसाथ कई फिल्मों में काम किया। दोनों एक दूसरे को काफी पसंद करते थे और कहा जाता है दोनों शादी भी करना चाहते थे, लेकिन ना जाने क्यों लता ने बाद में इनकार कर दिया। पता चला कि नकारात्मक सुर्खियों के चलते दोनों के संबंधों में खटास आ गई।

लता और संगीतकार सी. रामचंद्र
संगीतकार हुस्नलाल से भी जुड़ा लता का नाम!

इन सबके अलावा लता मंगेशकर और राजसिंह डूंगरपुर के साथ प्रेम संबंधों की भी खूब चर्चा रही जबकि संगीतकार हुस्नलाल के साथ भी लता मंगेशकर का नाम जोड़ा गया। कहा जाता है हुस्नलाल का व्यक्तित्व काफी आकर्षक था और उनकी पत्नी निर्मला देवी दिल्ली में रहती थीं। चर्चा तो यहां तक होती रही है कि हुस्नलाल और लता मंगेशकर के रिश्तों की बात जब निर्मला देवी को मालूम हुई तो वो सीधा मुंबई जा पहुंचीं और लता मंगेशकर को काफी भला बुरा भी कहा। लेकिन निर्मला देवी ऐसे किसी वाकये से इनकार करती हैं। उनका कहना है कि ये किस्से मनगढ़ंत हैं।     

संगीत को समर्पित पूरा जीवन

तमाम संबंधों की अफ़वाहों और सुर्खियों को दरकिनार करते हुये लता मंगेशकर ने हमेशा संगीत की साधना और घर परिवार की जिम्मेदारी को ही प्राथमिकता दी। शायद यही वजह है कि निजी जिंदगी की ख्वाहिशों की कुर्बानी देने वाली लता मंगेशकर आज संगीत दुनिया की सरताज हैं। उन्हें साक्षात स्वर कोकिला यानी सरस्वती कहा जाता है।

संगीत की देवी लता मंगेशकर

 न लता से पहले कोई लता, न लता के बाद कोई दूसरी लता।

आज लता अपने चाहने वालों को इन शब्दों में तहेदिल से धन्यवाद करती हैं-"साथ देने के लिए मैं श्रोताओं को बहुत धन्यवाद देती हूं। मुझे पता ही नहीं चला कि समय कैसे निकल गया! 
कल्पना कुमारी (Email : pictureplus2016@gmail.com)

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