चित्तौड़ का लुटेरा ‘रणवीर सिंह’ कहीं लूट न ले जाये फिल्म की पूरी लोकप्रियता ! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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सोमवार, 9 अक्तूबर 2017

चित्तौड़ का लुटेरा ‘रणवीर सिंह’ कहीं लूट न ले जाये फिल्म की पूरी लोकप्रियता !

पद्मावती के ट्रेलर में दिखा दीपिका और रणवीर का दमदार प्रदर्शन
 
खिलजी की भूमिका में रणवीर सिंह
पदमावती का ट्रेलर खास सौगात और संदर्भ लेकर आया है।
ठीक 1303hrs पर रिलीज यह ट्रेलर सन् 1303 की याद दिला गया, जब राजा रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच युद्ध छिड़ा।
लेकिन ट्रेलर का आरंभ एक ऐसे लांग शॉट से होता है, जिसमें ऐतिहासिक भव्यता पुन: अपने परिवेश में जागृत हो जाती है। मानो घर बैठे आप किसी किले का भव्य प्रारूप अपने दूरबीन से देख रहे हों। दुर्ग के ऊपर से लाल ध्वजा लहराते सैनिक कुछ पैदल तो कुछ घोड़े की सवारी करते किले में प्रवेश करते दिखाई देते हैं। इन्हीं पंक्तियों के बीच राजा रतन सिंह और रानी पदमावती की सवारी भी है।
महल को जगमग दीपों से सजाया गया है।

रानी पदमावती की भूमिका में दीपिका पादुकोण
राजा रतनसिंह की भूमिका में शाहिद कपूर
दीपावली से ठीक दस दिन पहले जारी इस ट्रेलर की यह दीपमय यह भव्य तस्वीर जैसे देशावासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दे रही हों।   
रानी और राजा आंखों में और होठों पर मुस्कान भर कर एक दूसरे की तरफ आगे बढ़ते हैं।
राज दरबार का प्रांगण सैनिकों के रंगारंग आयोजनों से सराबोर है।
महारानी के स्वागतम का दीपोत्सव है।

युद्ध से पहले महल के खुशहाल पल
राजा, रानी के खुशहाल पल पर्दे पर जीवंत होते नजर आते हैं।
रानी, राजा की पगड़ी में सुई धागा करती हुई।
राजपुताना की शान में राजा रतन सिंह का संवाद चल रहा है।
लेकिन तभी दूसरी तरफ दिल्ली का शासक अलाउद्दीन खिलजी एक खिलंदड़ के अंदाज में अपने दरबे में कबूतरों को उड़ाता हुआ प्रवेश करता है। मानों कहीं से लूट कर आया है याकि कहीं लूटने जाना है।
अगली तस्वीर फिर एक लांग शॉट।
किले के बाहर खिलजी की सेना अपना चांद छाप झंडा लिये आक्रमण के लिए चढ़ाई करता हुआ।
खिलजी की गर्जना।
चितौड़ के महल में राजा-रानी की चिंतित मुद्रा।

आक्रमण की आहट से चिंतित राजा, रानी
अपने दरबे में भूखे शेर की तरह मांसाहार करता हुआ खिलजी।
फिर युद्ध के मैदान में दोनों शासकों का मल्लयुद्ध।
खिलजी की आकाशमुखी चिंघाड़।
चितौड़ जीत की मुनादी।
रानी पद्मावती अग्निकुंड के समीप यज्ञ करती हुई।
आंखों में क्रोध की ज्वाला।
शेरनी की चाल सी आगे बढ़ती हुई।
लुटेरे को ललकार भरती हुई सी।

प्रतिशोध की ज्वाला के समक्ष पदमावती
करीब ढाई मिनट का ये ट्रेलर भव्यता और ऐतिहासिकता को जीवंत कर देता है। के. आसिफ की मुगले आजम के बाद हिन्दी में ऐसी यह दूसरी फिल्म होगी जिसका सेट इतना ऐतिहासिक प्रभाव उत्तपन्न करता है। राम-लीला और बाजी राव मस्तानी बना चुके संजय लीला भंसाली के सामने जाहिर है बाहुबली की भव्यता और ऐतिहासिक सेट की चुनौती रही होगी लेकिन भंसाली ने यहां बिना किसी दबाव में अपनी मौलिकता दिखाने का प्रयास किया है।

खूंखार खिलजी का खौफनाक रूप
हालांकि पूरी फिल्म अभी आनी बाकी है लेकिन कुछ बातें जो स्पार्क करती हैं, उसने इस ट्रेलर के मार्फत ही लोगों के जहन स्थान बना ली हैं। मसलन कि रानी पद्मावती के किरदार में लगता है दीपिका पादुकोण ने अपना सबसे बेस्ट प्रदर्शन किया है। वह जोधा यानी ऐश्वर्चा राय से आगे निकलती दिख रही है तो वहीं एक पराजित राजा रतन सिंह के तौर पर शाहिद कपूर प्रभावशाली बन पड़े हैं लेकिन क्रूर राजा और लुटेरा शासक के तौर पर रणवीर सिंह ने सबसे बाजी मार ली है। फिल्म अगर सुपर, डुपर हिट होती है तो उसके यश के लुटेरे रणवीर सिंह ही साबित होंगे। ट्रेलर में आधे भाग के बाद आने वाले रणवीर सिंह ने खिलजी को जिंदा कर दिया है। खिलजी को जाहिर है आज के लोगों नहीं देखा है, लेकिन इस फिल्म के बाद रणवीर सिंह का यह लुक और अंदाज खिलजी का पर्याय बन जायेगा। लोग जब जब खिलजी की बातें करेंगे, उनको रणवीर सिंह का यह रौद्र रूप एक नजीर बनकर आंखों के सामने खड़ा हो जायेगा। एक लुटेरे शासक की भूमिका निभाने वाला रणवीर वाकई कहीं इस फिल्म की लोकप्रियता का भी लुटेरा न कहलाने लगे।

-संजीव श्रीवास्तव, संपादक, पिक्चर प्लस (Email-pictureplus2016@gmail.com)

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