बागी -2 यानी 'टाइगर' के टनाटन एक्शन का डबल डोज़ - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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शनिवार, 31 मार्च 2018

बागी -2 यानी 'टाइगर' के टनाटन एक्शन का डबल डोज़


फिल्म समीक्षा


टाइटल - बागी-2
निर्देशक- अहमद खान
सितारे- टाइगर श्रॉफ, दिशा पाटनी, मनोज वाजपेयी, रनदीप हुडा, दर्शन कुमार, प्रतीक बब्बर, दीपक डोब्रियाल
रेटिंग – 3 स्टार
टाइगर श्रॉफ : फुल एक्शन में

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रवींद्र त्रिपाठी
`बागी-2 एक दमकार लोकप्रिय और मनोरंजक फिल्म है। इसमें लगभग वह हर मसाला है जो इसे जायकेदार पिज्जा बना देता है। इसमें जबर्दस्त और लोमहर्षक एक्शन है, रोचक कहानी है, दिल को छू लेनेवाला रोमांस है और भरपूर सस्पेंस है। नशाखोरी की समस्या है, पुलिस का भ्रष्टाचार है, सैनिकों की वीरता है तो  राष्ट्रवाद भी है। वॉलीब़ॉल है तो अपराध का तिलिस्म भी। टाइगर श्रॉफ के धमाकेदार एक्शन सीन के अलावा मनोज वाजपेयी के खलनायकी वाले दृश्य भी फिल्म को हर वक्त ड्रामा से भऱपूर बनाए रहते हैं।
टाइगर के साथ दिशा पटानी
रोमांस और एक्शन से भरपूर कहानी
टाइगर श्रॉफ ने रॉनी उर्फ कैप्टेन रनबीर प्रताप सिंह नाम के ऐसे कड़क सेना अफसर की भूमिका निभाई है जो कश्मीर में आतंकवादियों के छक्के छुड़ा देता है। उसे किसी भी हालत में तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं है। एक दिन अचानक उसे ड्यूटी पर पुरानी प्रेमिका नेहा (दिशा पाटनी) का खत मिलता है-`जल्द आओ। नेहा और रॉनी चार साल पहले तब बिछुड़े थे जब दोनों की शादी लगभग होने ही वाली थी। लेकिन परिस्थितियों ने नए मोड़ लिये और नेहा की शादी किसी और से हो जाती है। चार बरस बाद नेहा के साथ एक दुर्घटना घटती है और उसकी छोटी-सी बेटी को कोई अगवा कर लेता है। नेहा का खत पाकर रॉनी गोवा पहुंचता है जहां वो रहती है। नेहा उसे बेटी रिया को खोजने को कहती है। रॉनी उस काम में लग भी जाता है। पहले पुलिस से उसकी झड़प होती है जिसमें उसकी जमकर धुनाई होती है। फिर परिस्थितियां ऐसी बनने लगती है कि ऱॉनी को लगने लगता है कि नेहा तो मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गई है और उसकी कोई बेटी थी ही नहीं, रिया तो बस कल्पना की उपज थी। इसी बीच नेहा अपने फ्लैट से कूदकर जान दे देती है? अब क्या? फिर कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं कि कहानी में नाटकीय मोड़ आते हैं और आते ही रहते हैं। रिया सच में थी या नहीं, थी तो उसे किसने अगवा किया और पूरा मामला क्या है-जैसे पहलू धीरे धीरे उभरते हैं। और आखिर में जो क्लाइमेक्स है वह न सिर्फ ताज्जुब पैदा करनेवाला है बल्कि दर्शकों के मन में ये भाव भी पैदा करता है–`अच्छा ये मामला था। दर्शक दातों तले उंगली तो नहीं दबाते लेकिन मन में कहते है- `अच्छा, ये बात थी
बाकी कलाकारों की भी मस्त भूमिका

दमदार दिखे मनोज वाजपेयी और रणदीप हुडा
फिल्म में रनदीप हुडा का भी एक मजेदार कैरेक्टर है। हुडा ने एलएसडी नाम के पुलिस अफसर की भूमिका निभाई है जो हिप्पियों के वेशभूषा में रहता है और नशे के सौदागरों के खिलाफ मुहिम चलाता रहता है। पर उसके अंदाज आम पुलिसवाले जैसे नहीं  है। `बागी-2 की एक बड़ी खूबी ये है कि इस फिल्म में हर चरित्र कुछ अपनी खासियत लिए हुए है। मनोज वाजपेयी ने पुलिस डीआईजी की भूमिका निभाई है। ऐसा अधिकारी जो बेहद शांत दिखता है लेकिन अंदर से खुर्राट है। फिल्म के एक्शन सीन भी बड़े जोरदार है और अभी तक किसी हिंदी फिल्म में नहीं दिखाए गए है। अकेला और निहत्था एक शख्स न सिर्फ हजारों हथियारबंद लोगों को मारता-गिराता चलता है बल्कि चार चार हैलीक़ॉप्टरों पर बैठे मशीनगन धारियों को खत्म कर देता है। और बस एक रिवॉल्वर की गोली उसे आखिर में लगती है लेकिन वो बच जाता है। आखिर हीरो है तो निर्देशक को इतना तो करना पड़ेगा, है कि नहीं?
एक दो तीन...गाने पर जैकलीन
दिशा लगी अच्छी...'एक दो तीन... गाने में सेक्स अपील
दिशा पाटनी भी बहुत अच्छी लगी हैं। एक नौजवान से प्रेम करनेवाली रोमांटिक लड़की की तरह भी और एक बच्ची की मां के रूप में भी। दिशा के मुख्य चुनौती ये थी एक पूर्व प्रेमी के साथ वो किस तरह का रोल निभाती है। उनको ये भी दिखाना था वो अपने पति (दर्शन कुमार) से प्रति वफादार हैं लेकिन कुछ बातों पर ज्यादा भरोसा अपने पूर्व प्रेमी पर है। एक चरसी खलनायक सनी के रूप में प्रतीक बब्बर भी जमे हैं। दीपक डोब्रियाल की भूमिका छोटी सी है लेकिन बेहतरीन है। जैक्लीन फर्नांडीस पर माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया पुराना मशहूर गाना `एक दो तीन... इस फिल्म में आइटम सौंग के रूप में फिल्माया गया है। लेकिन कहां माधुरी का जादू और कहां जैक्लीन की सिर्फ सेक्स अपील। कोई तुलना नहीं हो सकती है। लेकिन हां, जिन्होंने माधुरी पर फिल्माए इस गाने को नहीं देखा है उनको इसका चकाचौंध वाला रूप जरूर अच्छा लगेगा। दर्शकों की उम्र बदलती है तो रुचियां भी बदलती हैं।
`बागी-2 एक पारिवारिक फिल्म है और परिवार के हर सदस्य के लिए इसमें कुछ न कुछ है। वैसे ये एक तेलुगू फिल्म का रीमेक है। इसलिए मौलिकता की तलाश करनेवाले यहां ज्यादा मगजमारी ना करें।
*(लेखक चर्चित कला मर्मज्ञ और फिल्म समीक्षक हैं। दिल्ली में निवास।
संपर्क-9873196343)

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