प्रायश्चित पथ के पथिक सलमान खान ! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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शनिवार, 7 अप्रैल 2018

प्रायश्चित पथ के पथिक सलमान खान !


सिनेमा की बात
*अजय ब्रह्मात्मज/संजीव श्रीवास्तव

सलमान को भावुक संरक्षण की दरकार बढ़ गई है 
 
जोधपुर जेल से निकलने के बाद सलमान खान
संजीव श्रीवास्तव – सलमान खान को आखिरकार ज़मानत मिल गई, ये बहुत बड़ी राहत की खबर है। आज हम आपसे सलमान के व्यक्तिव के कुछ अहम पहलू पर बातें करना चाहते हैं। हम साथ साथ हैं की घटना से पहले के सलमान और उसके बाद के सलमान में काफी अंतर देखा जा रहा है। तकरीबन तीन दशक के सलमान की फिल्मी जिंदगी में बड़े बदलावों को देखें तो उनमें आपको क्या-क्या खूबियां नजर आती हैं?

अजय ब्रह्मात्मज
अजय ब्रह्मात्मज – सलमान में काफी बदलाव हुए हैं। एक तो ये बात है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ इंसान में बदलाव होते हैं। लोग अपनी गलतियों और नादानियों को समझते हैं। और फिर खुद को सुधारने का प्रयास करते हैं। सलमान में ये खूबियां साफ नजर आती हैं। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज फिर कहूंगा कि सलमान एक तरह से प्रायश्चित मोड में आ चुके हैं। सलमान खुद इस बारे में खुल के बोलते नहीं हैं क्योंकि उनकी पब्लिक इमेज हैं लेकिन शायद कहीं ना कहीं उनके मन में ऐसा चलता रहता है कि उनसे कुछ गलतियां हुई हैं, उनको देखकर या उनके कामकाज को देखकर ऐसा हमें महसूस होता है। सलमान जो चैरिटी कार्य करते रहते हैं ये सब एक तरह से उनके प्रायश्चित का ही सिलसिला है। इसके जरिए सलमान एक बेहतर इंसान की छवि प्रस्तुत करना चाहते हैं। उनके व्यवहार में भी पहले से काफी बदलाव आ चुका है। अब वे काफी धीर गंभीर रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद सलमान के भीतर एक बचपना मौजूद है। इतनी उम्र होने के बावजूद सलमान अपने माता-पिता से दूर नहीं रहना चाहते। ऐसा लगता है सलमान को भावुकता के भाव भरे संरक्षण की जरूरत रहती है। शायद जिस तरह का प्रेम उनको प्रेमिकाओं से नहीं मिला...उस भावुकता की भरपाई वो अपने माता-पिता के प्रेम में चाहते हैं। मैं तो कहता हूं कि अगर उनका वश चले तो शायद अब भी सलमान मां की उंगली थाम के चलना चाहते होंगे।
संजीव श्रीवास्तव – इतनी खूबियों के बाद हालांकि सलमान में कुछ खामियां भी हैं। वे लोगों की मदद करते हैं लेकिन पब्लिक में किसी की फोटो लेने पर उसका कैमरा तोड़ देते हैं। अरिजीत का मसला हो या किसी और के...कई बार सलमान का व्यवहार थोड़ा अकड़ दिखाने वाला भी प्रतीत होता रहा है..।
अजय ब्रह्मात्मज – नहीं देखिए, भारतीय समाज में मूर्ति पूजा और मूर्ति भंजन दोनों ही प्रवृतियां देखने को मिलती हैं। एक दिन जिस प्रतिमा की हम पूजा करते हैं दूसरे दिन उसी प्रतिमा का विसर्जन भी कर देते हैं। ये हमारी आदत रही है। दरअसल होता यह है कि सेलिब्रिटी से जरा भी कोई चूक हो जाती है तो हम उसे खूब सताना चाहते हैं। वही बात यहां भी हो रही है। इसमें लोगों को अलग किस्म का सुख मिलता है।

संजीव श्रीवास्तव
संजीव श्रीवास्तव – आज की तारीख में सलमान पर करीब एक हजार करोड़ का भारी भरकम बजट दांव पर भी लगा है। हालांकि हमने हर बार यही देखा है कि विवादों से सलमान के फिल्मी कैरियर पर कोई असर नहीं पड़ा है। वे हर बार फिर उतनी मजबूती से उभरे हैं और उनका अगला प्रोजेक्ट ब्लॉकबस्टर साबित हुआ है।
अजय ब्रह्मात्मज –हां, ये बात सही है। सलमान के जेल जाने से उनके साथ काम करने वाले प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स की चिंता बढ़ जाती है। हालांकि उनको भी ये पहले से पता रहता है कि सलमान पर फलां केस चल रहा है। लेकिन फिर भी वे लोग बिजनेस से आश्वस्त रहते हैं। क्योंकि सलमान पर लगाया गया बिज़नेस का पैसा डूबता नहीं है।
संजीव श्रीवास्तव – एक और बात मैं यह पूछना चाहता हूं जो मैंने कुछ जगहों पर पढ़ी है। मुझे नहीं पता कि इसमें कितनी सचाई हो सकती है। यह बात सलमान खान की शादी को लेकर है। शायद सलमान के दिल में यह बात चल रही है कि जिस दिन उन पर लगे सारे केस खत्म हो जाएंगे तब वे शादी करेंगे-ताकि उनकी पत्नी को किसी तरह की परेशानी न हो।
अजय ब्रह्मात्मज – नहीं नहीं...ये बात बिल्कुल गलत है। मैंने कहीं नहीं पढ़ा इसको। जिसने भी लिखा है गलत है। कई बार सलमान से बात हुई लेकिन सलमान ने अपने मुंह से ऐसा कभी नहीं कहा। किसी की उड़ाई हुई बात है। शादी का उनके केसों से कोई लेना देना नहीं है। सलमान जिस दिन चाहें उस दिन शादी कर सकते हैं। लेकिन मुझे तो यही लगता रहा है कि सलमान शादी करना ही नहीं चाहते हैं।  
*(अजय ब्रह्मात्मज चर्चित फिल्म पत्रकार हैं। इन्होंने सिनेमा पर कई पुस्तकें लिखी हैं। देश के कई विश्वविद्यालयों में सिनेमा पर व्याख्यान देते हैं।
मुंबई में निवास। संपर्क - 9820240504
संजीव श्रीवास्तव पिक्चर प्लस के संपादक हैं। दिल्ली में निवास।



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