आमिर न बदले, शाहरुख न बदले...कितना बदल गये सलमान! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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रविवार, 8 अप्रैल 2018

आमिर न बदले, शाहरुख न बदले...कितना बदल गये सलमान!

7 अप्रैल को जोधपुर जेल से छूटने के बाद अलग अलग मुद्रा में सलमान


*संजीव श्रीवास्तव
इस बार सलमान खान के जेल से छूटने के बाद सबसे ज्यादा जिस बात की चर्चा हो रही है वह है उनमें आए बदलाव की। उनके व्यक्तित्व के नये पहलू की। उनके व्यवहार की और साथ ही उनकी फिल्मों में निभाये गये किरदारों की। आज के सलमान वे सलमान नहीं जब मैंने प्यार किया’, साजन’, जुड़वां, करण-अर्जुन जैसी फिल्में आईं जिनमें सलमान टपोरी लवर से कभी ऊपर देखे नहीं गये। पिछले बीस सालों में सलमान ने मेकओवर किया, ना केवल अपनी पर्सनाल्टी में बल्की अपनी फिल्मों के किरदारों में भी। सलमान इतना बदलते चले गये कि एक फिल्म अभिनेता के साथ-साथ एक उदार और सहिष्णु इंसान के तौर पर पहचाने जाने लगे। बीइंग ह्यूमेन की स्थापना की, जरूरतमंदों की मदद की, घर में गणेश पूजा की, प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ पतंग उड़ाई और जोधपुर कोर्ट में जब जज ने एक बार उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि वे भारतीय हैं। वे हिंदू और मुसलमान दोनों हैं। क्योंकि उनकी मां हिन्दू हैं तो पिता मुस्लिम। ये सलमान के व्यक्तित्व के सर्वथा नवीन पहलू हैं। उन्होंने सांसारिक और इंसानी जज्बातों से जुड़े सवालों को हमेशा उसी लहजे में दिया है। अनेक मौकों पर उनके जवाब में बहुत गहराई दिखाई देती है।
मुझे याद है एक बार सलमान और नवाजुद्दीन दोनों का एक साथ किसी चैनल पर इंटरव्यू चल रहा था। नवाजुद्दीन ने कहा-मेरे मुश्किल भरे दिनों में जिन लोगों ने मदद की, आज मैं उनका कर्ज उतार रहा हूं। तो सलमान ने झट कहा-मुश्किल दिनों की मदद का कर्ज कभी नहीं उतारा जा सकता। यह कर्ज तब उतरता है जब आप भी किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं। यब बात मामूली नहीं थी। इसी तरह एक और इंटरव्यू में जब सलमान से यह पूछा गया कि आप किसी फिल्म में किस और इंटीमेट सीन क्यों नहीं करते तो उनका साफ जवाब था कि  दुनिया की किसी भी फिल्म की स्क्रीप्ट में किस और इंटीमेट सीन का होना कत्तई जरूरी नहीं। एक और बात को सलमान के व्यक्तित्व के धवल पक्ष को उजागर करती है वह है उनकी शादी का मसला। इस सवाल के जवाब में भी उन्होंने साफ कह दिया था कि जब तक उनके सारे केस खत्म नहीं हो जाते तब तक वे शादी नहीं करेंगे। क्योंकि वे नहीं चाहते कि जेल जाने पर उनकी पत्नी और बच्चे के सम्मान पर कोई आंच आए।
अब बात उनकी फिल्मों के किरदारों की करते हैं। तेरे नाम के बाद सलमान के फिल्मी किरदार भी बदलते चले गये। एक वक्त का टपोरी लवर या बैड ब्वॉय, दूसरे समय में पारिवारिक और शादी-ब्याह के कथानक वाली फिल्मों का मॉडर्न और फैमिली ब्बॉय तो उसके बाद की फिल्मों में मसीहाई रॉबिन हूड कैरेक्टर। पीड़ितों को बचाने वाला। जुल्म बरसाने वालों को किक मार कर उड़ाने वाला दबंग, सुल्तान और टाइगर। लेकिन बजरंगी भाईजान तक आते-आते सलमान का ऐसा भी मेकओवर होगा किसी ने सोचा नहीं था। 

'बजरंगी भाईजान' फिल्म का एक दृश्य

मौका ईद का था-और सलमान खान लेकर आ गये थे एक ऐसी कहानी, जिसका नायक कट्टर हिंदूवादी परिवार से ताल्लुक रखता है। उसका पिता आरएसएस का सदस्य है। वह शाकाहारी है। हनुमान भक्त है। वानर देखकर वह हाथ जोड़कर कहता है-जय श्रीराम। भारत की धरती पर ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की धरती पर भी। उसकी देखादेखी पाकिस्तानी रिपोर्टर की भूमिका निभाने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी वानर देखर बोलते हैं – जयश्रीराम। लेकिन ईद का मौका होते हुये भी यह शायद सलमान के उदार और सहिष्णु व्यक्तित्व का ही असर था कि फिजां में कहीं से भी असहमति का एक स्वर तक नहीं सुनाई दिया। हिन्दू और मुसलमान-दोनों समुदाय ने बजरंगी भाईजान को एक भाव से गले लगाया। उसी तरह जैसे कि फिल्म में पवन चतुर्वेदी का किरदार पाकिस्तानी मासूम की सुंदरता, उसकी अबोधता को गले लगाता है, अपने कंधे पर उठाता है। भारत और पाकिस्तान की तमाम सियासी दुश्वारियों की ऊंची दीवारों को लांघते हुए पहुंच जाता है वहां, जहां इंसानियत और ममता की छांव में सुकून का जीवन बसेरा करता है।
लेकिन हैरत पाकिस्तानी विदेश मंत्री के उस बयान पर होती है जिसमें वे कहते हैं कि सलमान को मुसलमान होने की सजा मिली है। याद आता है एक बार शाहरुख ने भी कहा था कि उनको मुसलमान समझकर टारगेट किया जा रहा है। लेकिन जब देश के लोगों ने कहा कि शाहरुख को केवल मुसलमानों ने इतना बड़ा स्टार नहीं बनाया है तो किंग खान को खामोश रह जाना पड़ा। वैसे सलमान ने खुद को ऐसे विवाद से हमेशा बाहर रखा है। इसीलिए सलमान के स्टारडम का जेस्चर आमिर और शाहरुख दोनों से ज्यादा चमकदार है।
*(लेखक पिक्चर प्लस के संपादक हैं। दिल्ली में निवास। संपर्क-pictureplus2016@gmail.com)


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