जब राज-वैजयंती की नज़दीकियों से परेशान होकर कृष्णा जी बच्चों के साथ होटल चली गईं... - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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रविवार, 29 अप्रैल 2018

जब राज-वैजयंती की नज़दीकियों से परेशान होकर कृष्णा जी बच्चों के साथ होटल चली गईं...


माधुरी के संस्थापक-संपादक अरविंद कुमार से
जीवनीपरक सिनेवार्ता; भाग-28


*अरविंद कुमार
मेकिंग ऑफ फिल्म संगम-5              
संगम की राधाराधा का संगम’ 
और राधा का ख़त
संगम’ फ़िल्म दो दोस्तोँ के बीच फंसी राधा के दर्द की दास्तान है तो दो प्रेमपत्रोँ के ग़लत हाथ लगने की और उनके परिणामोँ की कहानी है। पहला पत्र राधा ने लिखा। पाने वाले का नाम नहीँ लिखा। दूसरा गोपाल ने लिखा। लिखने वाले का नाम नहीँ लिखा। राधा का पत्र था गोपाल के लिए। वह सुंदर के हाथ लगा। सुंदर ने पढ़ा तो मस्त हो गया, ‘ख़ुशख़बरी’ गोपाल को बता दी। राधा का दीवाना गोपाल पीछे हट गया। राधा के प्रति अपना प्यार सुंदर के लिए क़ुर्बान कर दिया। गोपाल और सुंदर की दोस्ती थी ही कुछ ऐसी। एक दूसरे पर जान छिड़कते थे।
पूरी फ़िल्म में राधा की उलझन समझने की कोशिश न सुंदर करता है न गोपाल। वे दोनोँ उस से वाकिफ़ ही नहीँ हैँ। तो पूरी फ़िल्म राधा पर टिकी है। राधा वैजयंती माला। अपने ज़माने बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री। एक छोटे वाक्य मेँ कहेँ तो ‘संगम’ का सारा दारोमदार राधा पर था। हो सकता है कि कोई और भी यह भूमिका कर पातीलेकिन वैजयंती ही शायद इस के लिए बनी थी।

बोल राधा बोल संगम होगा कि नहीं...
1936 में जन्मी तेरह साल की वैजयंती 1949 मेँ तमिल वझकै’ और 1950  में तेलुगु फ़िल्म जीविथम्’ मेँ आई तो उसके सपने मेँ भी नहीँ था कि एक दिन देश की बड़े सुपर स्टारोँ मेँ गिनी जाएगी। और उसे तरह-तरह के कटु अनुभवोँ से गुज़रना पड़ेगा। उसने ही दक्षिण भारत की अभनेत्रियोँ के हिंदी प्रवेश का रास्ता खोला।
1964 मेँ ‘संगम’ की राधा ने अट्ठाइस साल की वैजयंती को कई तरह बदल दिया। उसका सौंदर्य चरम पर था। इससे पहले वह कभी ‘नागिन’ के रूप मेँ आई थी तो कभी गांव की गोरी बनी थी। बी.आर. चोपड़ा ‘नया दौर’ से पहले बिमल रॉय की ‘देवदास’ मेँ भी दिलीप कुमार के साथ आ चुकी थी। लेकिन उसके शरीर का प्रदर्शन राज कपूर ने जिस क़दर ‘संगम’ मेँ किया वह बाद मेँ भी शायद ही कोई और कर पाया। इससे पहले दिलीप के साथ उसका रोमांस काफ़ी चर्चित हुआपर ‘संगम’ के दौरान राज कपूर के साथ उसका रोमांस चरम पर पहुंच गया था। जब राज कपूर ने चेन्नई मेँ तार भेजा –“बोल राधा बोल संगम होगा कि नहीँ” और उसने जवाब दिया “होगा होगा होगा” तो वह इतनी कमसिन नहीँ थी कि सवाल और जवाब का मतलब न समझती हो।
उन दिनोँ और उनके कुछ महीनोँ बाद बंबई तरह-तरह की ख़बरोँ से गरम था। एक ख़बर थी कि राज-वैजयंती की नज़दीकियोँ से परेशान हो कर कृष्णा जी बाल बच्चोँ के साथ किसी होटल मेँ रहने चली गई हैँ।
बहुत बाद अपने को बेदाग़ सिद्ध करने के लिए वैजयंती माला ने अपनी आत्मकथा मेँ दावा किया कि उसके और दिलीप कुमार या उसके और राज कपूर के बीच कोई अफ़ेअर नहीँ रहे। राज के मामले मेँ यह भी लिखा कि राज कपूर ने संगम के प्रचार के लिए वैसी अफ़वाहेँ फैलाई थीँ। ऋषि कपूर ने ज़ोर दे कर लिखा है कि उसके पिता राज कपूर के साथ वैजयंती का संगम था। सब बच्चोँ  को लेकर मम्मी नटराज होटल रहने चली गई थीँ। ‘द टेलिग्राफ’ पत्र में मेरी परिचित पत्रकार भारती प्रधान ने लिखाः “अगर स्वच्छंद प्रेमी (philandering) की अल्पभाषी पत्नी अपने पति के वैजयंती से शारीरिक संगम के विरोधस्वरूप बाल बच्चोँ सहित नटराज होटल मेँ रहने चली गईं तो डॉक्टर बाली की पत्नी रूबी को अपने नवीनतम तग़मे वैजयंती के फोटो खिँचवाते देखना और फिर तलाक़ की कार्रवाई का अपमान झेलना पड़ा। वैजयंती ने भारी रक़म देकर रूबी का पति ख़रीदा था। इस घटना के बाद मैँ सपरिवार कोई फ़िल्म देखने गया था। गुजराती दर्शक महिलाएं नाक भौँ सिकोड़ कर ख़सम-ख़रीदनी जैसा कोई शब्द ज़ोर ज़ोर से कह रही थीँ।
राजेंद्र कुमार और वैजयंती माला
फ़िल्मों के संसार मेँ जहां युवा स्त्री पुरुषोँ को निकट शारीरिक संपर्क मेँ आना पड़ता हैरोमांस की बातेँ करना पड़ता होगीत गाने नाचने पड़ते होँवहां कोई कहां तक कितना संयम बरत सकता है। वह ज़माना आज का ज़माना नहीँ था जब नायिकाएं खुलेआम अपने संबंधोँ की बात करती रहती हैँ। तब सब अपने को पाक साफ़ साबित करते रहते थे। कुछ नायक छिपाते भी नहीँ थे।
हम राज और नरगिस का उदाहरण लें या राज वैजयंती का। दोनोँ अभिनेत्रियां राज कपूर के ख़ानदान पर बड़ोँ का दबदबा जानती थीँ। दोनोँ को पता था कि राज विवाहित है, वह अपनी पत्नी से अलग नहीँ हो सकतानहीँ हो सकता। तब कोई रास्ता बचता ही नहीँ था। 
सिनेवार्ता जारी है...
अगली कड़ी, अगले रविवार
संपर्क - arvind@arvindlexicon.com / pictureplus2016@gmail.com
(नोट : श्री अरविंद कुमार जी की ये शृंखलाबद्ध सिनेवार्ता विशेष तौर पर 'पिक्चर प्लस' के लिए तैयार की गई है। इसके किसी भी भाग को अन्यत्र प्रकाशित करना कॉपीराइट का उल्लंघन माना जायेगा। संपादक-पिक्चर प्लस)

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