‘रेस-3’ देखकर हल निकालें - एक बंदर चिकने खंभे पर तीसरी छलांग लगाकर कितने मीटर चढ़ा और फिसला? - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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शनिवार, 16 जून 2018

‘रेस-3’ देखकर हल निकालें - एक बंदर चिकने खंभे पर तीसरी छलांग लगाकर कितने मीटर चढ़ा और फिसला?


जो देखेगा RACE-3 वो हो जाएगा टेंशन फ्री!

बोले तो एकदम हॉलीवुडिया स्टाइल का बॉलीवुड



फिल्म समीक्षा
रेस-3
निर्देशक - रेमो डी सूजा
सितारे - सलमान खान, अनिल कपूर, जैक्लीन फर्नांडीस, डेजी शाह, बॉबी देओल, साकिब सलीम आदि।

*रवींद्र त्रिपाठी
इस ईद पर सलमान के प्रशंसकों को जिसका इंतजार रहता है वो फिल्म आ गई। यानी `रेस-3। पर क्या वे प्रशंसक यानी फैन, इसे देखकर या देखते हुए जोर से सीटी बजाएंगे जिसकी उनको बेताबी रहती है? लगता नहीं है। इस फिल्म में सलमान जरूर हैं। आखिर में वे शर्टलेस भी हो गए हैं। यानी अपनी कई फिल्मों की तरह उन्होंने कमीज भी उतारी है। और इसमे संदेह नहीं कि इस शर्टलेस खान  का स्मार्टनेस कमजोर नहीं हुआ। एकदम चकाचक लगते हैं सलमान। फिर भी उनके फैन इस फिल्म को देखते हुए ओठों को गोल करके सीटी नहीं बजाते। बजाते भी हैं तो बहुत कम। सीटियों में जान भी नहीं रहती। फिल्म में सलमान नाम सिकंदर है। क्या ये सिकंदर दर्शकों और प्रशंसको के दिल को जीत पाएगा?



फिल्म की कहानी
`रेस-3 की कहानी शुरू में पेंचदार लगती है लेकिन आखिर मे बे-सिर-पैर की तरह हो जाती है। अंत में लगता है कि खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाला मामला है। अनिल कपूर इसमें शमशेर सिंह नाम के एक गैंगस्टर बने हैं जो अल-शिफा द्वीप में हथियार बनाने और बेचने का धंधा करता है। शमशेर इलाहाबाद के नजदीक हांडिया गांव (एक जगह फिल्म में हांडिया जिला भी बताया जाता है) का है लेकिन एक नेता के जाल में फंसने से बचने के लिए विदेश भाग जाता है। देखने में वो शरीफ लगता है लेकिन एक नंबर का शातिर है और पेन-बम से अपने दुश्मनों को उड़ा देता है। सिकंदर उसका सौतेला बेटा है। दो और संतानें हैं उसकी-सूरज (साबिक सलीम) और संजना (डेजी शाह)। वैसे आखिर में पता चलता है कि शमशेर का असली बेटा कोई और है दूसरे के बेटों के साथ वो बेटा बेटा खेलता रहा। शमशेर एक बड़े ब्लैकमेल की योजना बनाता है और जिसको अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वो सिकंदर को सौपता है क्योंकि वो उसे संजना और सूरज से ज्यादा उसे काबिल समझता है। इतना बता देने के बाद ही ये साफ हो जाता है कि सौतेले भाइयों और बहन के बीच दांव-पेच शुरू होगा। यानी भाई भाई आपस में टकराएंगे। बहन भी अपने एक भाई से भिड़ेगी। ऐसा होता है क्योंकि करोड़ों-अरबों का खेल है। इसमें जीतेगा कौन? किसके हाथ होगा माल और कौन होगा बेहाल?
इसमें शक नहीं कि इस फिल्म में कारों और मोटरसाइकिलों से जबर्दस्त स्टंट किए गए हैं। बड़ी महंगी कारें उड़ाई जाती है। कंबोडिया से लेकर मध्य पूर्व के इलाकों की इस फिल्म में लोकेशन शूटिंग है। जंप-शूट, जो ऊंचाई से गिरने में इस्तेमाल होता है, को लेकर भी कुछ दृश्य फिल्माए गए हैं। फिल्म में भव्यता है। धासूं एक्शन है। फाइटिंग के सीन भी लाजबाब हैं। लेकिन इसमें दो ऐसी कमजोरियां हैं जो इसके बड़ी हिट होने में बाधा बनेगी। एक तो इसकी कमजोर कहानी। दूसरे इसका जज्बाती पहलू भी ठीक से नहीं उभरता है। ये ठीक है इसमें आखिर में एक मां है, लेकिन सिर्फ मां के होने भर से कोई फिल्म भावों से भरी नहीं हो जाती है। कुछ और मसाले भी चाहिए जो नहीं हैं। हां, इस फिल्म में कुछ समय के लिए एक पहलू ऐसा जरूर सामने आता है जो बॉलीवुड की बहुत कम फिल्मो में उभरता है। वो है अभिनेत्रियों-जैक्लीन फर्नांडीस और डेजी शाह के बीच फाइटिंग सीन। ये सीन दमदार है।



अभिनय और निर्देशन
`रेस-3 में सलमान का रोमांटिक सीन कुछ अधिक होता तो फिल्म और बेहतर हो सकती थी। लेकिन पटकथा ऐसी है कि जैक्लीन फर्नांडीस से उनका इश्क इश्क नहीं लगता है, सौदेबाजी लगती है । बड़ी देर तो ये भ्रम होता है कि एक हसीना दो दीवाने का मामला है-हसीना जैक्लीन और दीवाने सलमान और बॉबी देओल। लेकिन बाद में मालूम होता है कि ये खूबसूरत हसीना भी खिलाड़िन थी। `रेस-3 जैक्लीन के हेलिकॉकाप्टर उड़ाने के दृश्य हैं। बॉलीवुड की अदाकाराएं हॉलीवुडीय अंदाज में आ रही है। हमारी हीरोइनों अब सिर्फ छुई मुई नहीं हैं। वे भी गोली-बम चला सकती हैं।`एक था टाइगर और`टाइगर जिंदा है में कैटरीना भी बंदूक- रिवाल्वर चलाती है। `रेस-3 इस दिशा में कुछ कदम और आगे बढ़ती है।
अकेले अनिल कपूर रेस श्रृंखला की तीनों फिल्मों में रहे हैं। पर `रेस-3 में उनका किरदार पहली दो फिल्मों से कम मनोरंजक है। शराफत जमती नहीं है। और हां, अंत तक आते आते ये साफ हो जाता है कि `रेस-4 भी बनेगी और उसमें भी अनिल कपूर होंगे। इशारे से तो यही बात कही गई है। रेस-श्रृंखला की पहली दो फिल्में अब्बास-मस्तान की जोड़ी ने निर्देशित की थी। इस बार निर्देशन रेमो डी सूजा ने किया है। अब्बास-मस्तान की जोड़ी ने सैफ अली खान को स्टार बनाया था। रेमो को बना बनाया स्टार मिला है। यानी सलमान। और हां, सलमान इसके निर्माता भी हैं।
`रेस-3 के बारे में एक खास बात ये भी है कि इसने बॉबी देओल एक मौका दिया है। शर्टलेस बॉडी दिखाने का भी और बड़ी भूमिका निभाने का भी। इन दोनों का कितना फायदा उनको आगे होता है ये तो वक्त बताएगा। फिलहाल दो देओल परिवार-खासकर बॉबी के पिता धर्मेंद्र बहुत खुश हैं।
*लेखक प्रख्यात कला मर्मज्ञ और फिल्म समीक्षक हैं।
दिल्ली में निवास। संपर्क - 9873196343


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