‘बॉबी’ की डिंपल इतनी कमसिन थी कि उसका वक्ष उभार दिखाने के लिए कई जतन करने पड़ते थे! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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रविवार, 17 जून 2018

‘बॉबी’ की डिंपल इतनी कमसिन थी कि उसका वक्ष उभार दिखाने के लिए कई जतन करने पड़ते थे!


माधुरी के संस्थापक-संपादक अरविंद कुमार से
जीवनीपरक सिनेवार्ता; भाग-35
 
'बॉबी' में डिंपल कपाड़िया
मेरा नाम जोकरबुरी तरह पिट जाने पर आर.के.फ़िल्म्स की हालत ख़स्ता थी। बेहद ज़रूरी था कि उनकी नई फ़िल्म सफलता के अभूतपूर्व झंडे गाड़े। तो राज कपूर बना रहे थे बॉबी’–बिल्कुल नए नायक और नायिका के साथ। नायक था उनका दूसरा बेटा ऋषि कपूर और नायिका थी अनोखी खोज डिंपल। उम्र इतनी कम थी कि बॉबी के संवाद लेखक मेरे सहयोगी जैनेंद्र जैन बताते थे कि कई बार डिंपल के वक्ष को उभारने के लिए नाना जतन करने पड़ते थे। सच कहा जाए तो डिंपल राज कपूर को मिला वरदान थी। बॉबीमेँ आने के लगभग चौदह साल फ़िल्मोँ से दूर रहने के बावजूद लोग डिंपल को भूल ही नहीँ पाए। सागरफ़िल्म में एक बार फिर डिंपल और ऋषि को देख कर मेरी तरह सभी दर्शक भी ख़ुश हुए।
वह सुंदर थीयह कहने की ज़रूरत नहीँ है। उसके रंगरूप और हावभाव में, उस की आंखों में अपरिभाष्य सा कुछ था जो देखने वाले को बरबस अपनी तरफ़ खीँचता था। वह अपने आप में सनसनी तो थी ही, उससे भी ज़्यादा सनसनीख़ेज़ थी बॉबीके रिलीज़ होने से पहले ही मार्च 1973 मेँ डिंपल की राजेश से शादी।
(जैनेंद्र यह भी बताते थे कि डिंपल को हाथ की मेहंदी छिपाने मेँ बड़ी मशक़्क़त करनी पड़ती थी।)
जब राजेश - डिंपल परिणय सूत्र में बंधे 
डिंपल तो पहले से ही राजेश की दीवानी थी। राजेश की फ़िल्मोँ की सफलताओं के तथा अन्य फ़िल्मी पार्टियोँ में उनकी मुलाक़ात होती रहती थी। मन ही मन वह उसे चाहने लगी थी। इसी लिए वह अपने से पंदरह साल बड़े राजेश से शादी की हाँतत्काल कर दी। शादी हुई तो अंजु को चिढ़ाने के लिए राजेश बारात उस के घर के सामने से ले कर निकले। यह जताने कि मैँ किसे ब्याह रहा हूं!
यह भी कहा जा सकता है कि राजेश के लिए डिंपल तमग़ा थी - अंजु और दुनिया को दिखाने के लिए। अंजु ने राजेश के लिए अपना कैरियर बंद करने से इनकार कर दिया था, पर डिंपल सब कुछ त्यागने को राज़ी थी। दोनों स्वभाव से बड़े रूमानी थे एक दूसरे को डिंपी और काका कह कर पुकारते थे।
बॉबीके बाद उस ने फ़िल्मोँ से संन्यास ले लिया। भारतीय नारी की तरह घरनी बन कर रहने लगी। उनके दो बेटियां हुईंबड़ी ट्विंकल (अक्षय कुमार की पत्नी) और रिंकी खन्ना।
बॉबीके पूरा होने में देर थी, इसलिए तीन महीने तक वे हनीमून पर यूरोप नहीँ जा सके थे। राजेश अपने साथ फ़िल्म निर्माता राज भटीजा को सपत्नीक ले गया था। और साथ थे बलदेव पाठक (अभिनेत्री दीना पाठक के पति और रत्ना और सुप्रिया पाठक के पिता)। मुझे याद है यह तरह तरह के कटाक्षों का आधार बन रहा था।
डिंपल का सोलहवां जन्मदिन जश्न राजेश ने लंदन के हिल्टन होटल में मनाया। मेहमानों में नवविवाहित अमिताभ और जया भी थे जो लंदन में ही हनीमून मना रहे थे।
अपनी दोनों बेटियों (ट्विंकल और रिंकी) के साथ राजेश-डिंपल
उनके बारे में कई बातें धीरे धीरे उभर कर आ रही हैं। दोनों के बीच घर के भीतर जो कुछ भी ग़लत होता था, वह डिंपल के पिता चुन्नीभाई कापड़िया पूरे बॉलीवुड मेँ फैलाते रहते थे। इससे राजेश की छवि बिगड़ रही थी।
नौ साल बीतते न बीतते डिंपल ने राजेश से तलाक़ की अर्ज़ी दाख़िल कर दी, पर उस पर काररवाई आगे नहीँ बढ़ाई। कारण-तलाक़ से उनकी दोनों बेटियों के भविष्य पर आंच आती।
कहीं डिंपल ने कहा है कि शादी के दिन से हमारे घर की हंसी-ख़ुशी जाती रही। इस के कई कारण बताए जाते हैँ। राजेश अच्छा अभिनेता तो था, लेकिन रिश्तेनाते निभाना नहीँ जानता था। इस अलगाव की सब से बड़ी वज़ह थी राजेश की पियक्कड़ी और सब को अपने बस में रखने की आदत।
डिंपल और राजेश अलग तो हुए पर जो प्रेम था वह मरा नहीं। तमाम ऊंच-नीच के बावजूद अलग रहते हुए भी दोस्ताना संबंध बने रहे। सभाओं और जश्नों में हँसते मिलते रहे। राजेश का कहना था,“अभी तक मेरे मन में पत्नी के लिए जगह है। वही मेरा एकमात्र प्यार है। कुछ ऐसा ही हाल डिंपल का रहा। वह कहती, “मेरी बेटियों का पिता है वह। मेरे जीवन से वह अलग नहीं किया जा सकता। और उस का महत्व कभी घट नहीं सकता। राजेश के अंतिम दिनों में वह उस के साथ थी। 18 जुलाई 2012 को अपने बंगले में राजेश का अंत हुआ। डिंपल ने कस कर पकड़ा हुआ था उस का निर्जीव हाथ, और प्यार से उस का माथा सहला रही थी।
उप-कथा टीना राजेश की

राजेश  खन्ना और टीना मुनीम के चर्चे भी कम नहीं हुए
डिंपल के अलग होने के बाद राजेश के जीवन मेँ आई देव आनंद की देस परदेससे फ़िल्मों में आने वाली टीना मुनीम। उस के साथ राजेश ने ग्यारह फ़िल्में कीँ। मुहावरे में कहें तो दोनों का रोमांस परवान चढ़ने लगा। हर तरफ़ इस प्यार के चर्चे थे। टीना मानो बेबस हो गई थी। राजेश से एक पल का  भी अलगाव उसे भारी पड़ता था। लेकिन राजेश शादी के लिए तैयार नहीं था। उस के सामने अपनी बेटियों के भविष्य का सवाल था। टीना को विवाह के बिना राजेश से संबंध बनाए रखना मंज़ूर नहीं था।
(बाद में टीना बनी अनिल अंबानी की पत्नी और कोकिलाबेन धीरू अंबानी अस्पताल, हारमनी आर्ट फ़ाउनडेशन की चेअरपर्सन।)
सिनेवार्ता जारी है...
अरविंद कुमार
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संपर्क - arvind@arvindlexicon.com / pictureplus2016@gmail.com
(नोट : श्री अरविंद कुमार जी की ये शृंखलाबद्ध सिनेवार्ता विशेष तौर पर 'पिक्चर प्लस' के लिए तैयार की गई है। इसके किसी भी भाग को अन्यत्र प्रकाशित करना कॉपीराइट का उल्लंघन माना जायेगा। संपादक-पिक्चर प्लस)

2 टिप्‍पणियां:

  1. स्तनों के उभार वाली जानकारी बिलकुल अछूती है किसी भी आम पाठक के लिए। यह पढ़ने के बाद ध्यान में आ रहा है कि वह बॉबी में जो टॉप गांठ देकर पहनती तो उभारों में अतिरिक्त नुकीलापन खास आकर्षण था, जिसका राज आज समझ में आया। बॉबी वाकई नए प्रयोग की यादगार फ़िल्म थी।

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