सेक्सी 'नागिन' का ज़हर Vs हॉट डायन की 'नज़र' ! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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शनिवार, 28 जुलाई 2018

सेक्सी 'नागिन' का ज़हर Vs हॉट डायन की 'नज़र' !


स्टार प्लस और कलर्स के टीआरपी युद्ध ने सीरियल  संसार को बनाया सोसाइटी के लिए ज़हरीला

मोनालिसा 'नजर' सीरियल में
-संजीव श्रीवास्तव*
चिड़ियाघर में शेर-चीता देखना जितना रोमांचक लगता है, स्क्रीन पर नाग-नागिन को देखना मन में उससे कम सुहाना अहसास नहीं जगाता। पचास के दशक में बैजयंती माला और प्रदीप कुमार जब नाग-नागिन बनकर आये तब भी उन्होंने उतना ही दर्शकों का दिल लूट लिया था जितना कि जितेंद्र-रीना रॉय (नागिन) या श्रीदेवी-ऋषि कपूर (नगीना) ने। सिल्वर स्क्रीन पर संपेरों का खेल सदाबहार था। लेकिन नब्बे के दशक के बाद फिल्मों की कहानियों का ओरियंटेशन जैसे ही मल्टीप्लेक्सोन्मुखी हुआ, रोमांच की परिभाषा का परिसीमन हो गया और उसे अधिक से अधिक दैहिक बनाने की कोशिश की जाने लगी।
और इसीलिए सिल्वर स्क्रीन से रिजेक्टेड थीम को छोटे पर्दे पर नये कलेवर, फ्लेवर और तेवर के साथ उतारा गया। छोटे पर्दे पर कॉरपोरेट परिवार के मेलोड्रामा की फैटेंसिक दुनिया बसाने वाली एकता कपूर ने इस थीम को एक धार दी और महलों की रानियों को नागिनों का रूप दे डाला। लेकिन ये नागिनें गुजरे जमाने की नागिनें नहीं थीं। इनकी भवें तीर-कटार से ज्यादा तीखी थीं। ज़ुबान पर छुरियां चलती थीं। कमर अप्सराओं सरीखी फिसलन भरी थीं। और आंखें और होंठ विषकन्याओं से कम नहीं प्रतीत होते थे। ये एक चलती फिरती शोला की भट्ठी थीं याकि पेट्रोल बम। अगर किसी ने माचिस की एक तीली भी सुलगाई पूरा पेट्रोल पंप धू-धू कर चल सकता था। लेकिन इस तूफान को शांत करने के लिए गंदर्भ लोक से उतरे वीर कुमार सरीखे नाग भी इनके साथ होते थे, जो इनकी अग्नि की ज्वाला को शांत करते थे। कभी नाग के गुस्से को नागिन पी जाती थीं तो कभी नागिन के विद्रोह को नाग कम करता था। इस प्रकार कहानी आगे बढ़ती जाती थी एक अंतहीन गलियों में, जिसका कोई आखिरी मकान नहीं था। कुल मिलाकर ये अंधविश्वास नहीं था। ये अंधविश्वास का जश्न मनाने जैसा भाव पैदा करता था। ये सास-बहू के षड्यंत्रों और चुगलखोरियों से दो कदम आगे की दुनिया थी; जहां घरेलू क्या शिक्षित और अधिकमत कामकाजी महिलाओं के लिए भी मनोरंजन का मैगी मसाला परोसा गया था जो उनकी थकान को मिटाता था और मन की मुराद को पूरी करने का भरम पैदा करता था।

'नागिन 3' में  करिश्मा तन्ना और अनीता हसनंदानी
कलर्स चैनल पर नागिन सीरियल ने सीरियलों की दुनिया में तूफान खड़ा कर दिया। एकता कपूर के तरकश में जब सास, बहू के तीर खत्म होने लगे तो उन्होंने नाग नागिनों का बाण चलाया और एक बार फिर से टीआरपी के एवरेस्ट पर फतह हासिल की।
लेकिन नये ज़माने की इन सेक्सी नागिनों की ज़हरीली और स्वप्निल दुनिया को टक्कर देने के लिए आ गई हैं एक हॉट डायन। जी हां, इसे चैनल वॉर की पराकाष्ठा भी कह सकते हैं। कलर्स ने जब सामाजिक और वास्तविक कहानियों का सहारा लेकर समाज में अलग जगह बनाई और टीआरपी में सर्वोच्च स्थान बनाया था तब भी स्टार प्लस ने खुद को बदलने का नया नारा था-रिश्ता वही सोच नई। लेकिन अब जबकि कलर्स सामाजिक सचाइयों से हट चुका है और रहस्य रोमांच की दुनिया को साकार करने लगा है तो फिर स्टार प्लस उसकी नागिनों के जबाव में एक मॉडर्न डायन को उतारा है। स्टार प्लस की डायन भी कम सेक्सी नहीं हैं। काली लंबी चोटी से खुद को लपेटे हुए, नैनों से बाण चलाने वाली प्रतीत होती है। सीरियल का इसीलिए नाम दिया गया है-नज़र। डायन अपनी बुरी नजरों के लिए जानी जाती है। जैसे नागिन का ज़हर, वैसी ही डायन की नज़र। दोनों प्राणघातक। लेकिन क्या दोनों पर जीत हासिल करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है? दोनों ही सीरियलों का मूल थीम यही है।

मोनालिसा
बहरहाल अब सवाल अहम ये है तीन-तीन सेक्सी नागिनों को क्या एक अकेली हॉट डायन टक्कर दे पाएगी? इसे देखना जितना आपके लिए दिलचस्प होगा उतना ही हमारे लिए भी। इंतजार कीजिए अगली टिप्पणी का।
*लेखक पिक्चर प्लस के संपादक हैं।

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