'मित्रों' देखने से पहले ये रिव्यू पढ़ लेना दोस्तो... - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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शनिवार, 15 सितंबर 2018

'मित्रों' देखने से पहले ये रिव्यू पढ़ लेना दोस्तो...



फिल्म समीक्षा
मित्रों
निर्देशक - नितिन कक्कड़
कलाकार - जैकी भागनानी, कृतिका कामरा, प्रतीक बब्बर, प्रतीक गांधी, शिवम पारेख
*रवींद्र त्रिपाठी
जय (जैकी भागनानी) नाम के गुजराती नौजवान ने किसी तरह यानी घिसटते-हांफते हुए ऑटोमोबाइल इंजीनियर की डिग्री तो ले ली है लेकिन बंदा सीरियस नहीं है। वो कभी-कभार कुछ काम करने को सोचता भी है लेकिन उसमें ढंग से करने का शऊर ही नहीं है। असल में वो शेफ (आजकल रसोइयों का यही नाम फैशन में है) बनना चाहता है लेकिन पिता चाहते हैं कि बेटा ढंग का काम करे ताकि किसी अच्छे खानदान में शादी हो सके। पर बेटा या तो पड़ा पड़ा सोता रहता है या दोस्तों के साथ मटरगश्ती करता रहना चाहता है। फिर भी पिता तो पिता है इसलिए बेटे की शादी के जुगाड़ बिठाता रहता है। लड़की देखने का अभियान शुरू होता है। पर किस्मत भी खेल खेलती रहती है। जय जब अवनी (कृतिका कामरा) के यहां पहुंचता है मालूम होता है कि गलती से गलत लड़की के यहां पहुंच गया है।
और इसी ट्विस्ट के साथ फिल्म दूसरी दिशा में घूम जाती है। अवनी नाम की ये लड़की पढ़ने में तेज है और मैनेजमेंट की डिग्री है उसके पास। आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती है। उसका भी एक रोमांटिक इतिहास है। बहरहाल, जय से उसकी मुलाकात के बाद शादी की बात तो आगे नहीं बढ़ती लेकिन दोनों मिलकर खाने का धंधा शुरू कर देते हैं क्योंकि अवनी को लगता है कि बंदे में कुछ तो दम है। यानी दोनों मिलकर एक फूड ट्र्क (रास्ते पर खाना यानी फूड मुहैया करानेवाला) का बिजनेस शुरू करते हैं। अब आगे दर्शक की दिलचस्पी इस बात में रह जाती है कि खाना खिलाते खिलाते इन दोनों के बीच इश्क-विश्क होगा या नहीं और होगा तो उसका अंजाम क्या होगा?


`मित्रों एक हंसानेवाली फिल्म है। हालांकि हंसी वाले कुछ संवाद दबे से रह गए हैं और बीच में फिल्म धीमी भी हो जाती है लेकिन कॉमेडी का भरपूर डोज देती है। इस फिल्म के बाद जैकी भागनानी फिल्मी करियर आगे बढ़ सकता है क्योंकि कुछ सालों से लगे होने के बाद भी उनका सिक्का जम नहीं पाया तो! ये फिल्म शायद उनकी किस्मत को बदले। टीवी पर चर्चित और फिल्म में पहली बार कदम रखनेवाली कृतिका कामरा के भाग्य के पट भी खुल सकते हैं क्योंकि उनका अंदर का स्पार्क कई जगहों पर खुल कर आता है। मित्रों के कुछ गाने - `सनेड़ो सनेड़ो और `कामरिया पहले ही हिट हो चुके हैं। वैसे सूचना के लिए ये बताना जरूरी होगा कि `मित्रोंदो साल पहले आई तेलगु फिल्म `पेल्ली चुपुलु (निर्देशक- तरुण भास्कर) का हिदी रूपांतरण है।
 (*लेखक चर्चित कला एवं फिल्म समीक्षक हैं। दिल्ली में निवास।
संपर्क - 9873196343)

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