इस फिल्म का नाम 'सुई धागा' क्यों रखा गया ? - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

नवीनतम

शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

इस फिल्म का नाम 'सुई धागा' क्यों रखा गया ?



वरुण धवन और अनुष्का शर्मा की यह फिल्म काफी चर्चा में है। जगह जगह इस फिल्म का खूब प्रमोशन हो रहा है। टीवी शो से लेकर बड़े शहरों के मॉल तक में सुई धागा का धमाकेदार प्रमोशन जारी है।

लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इस फिल्म का नाम सुई धागा क्यों रखा गया है? एकदम आम बोलचाल के सामान्य से लगने वाले इस शब्द को फिल्म का ऐसा नाम क्यों रखा गया है? इतने घरेलू से लगने वाले इस टाइटिल का आखिर मतलब क्या है? हम अक्सर घर परिवार में या आस-पड़ोस में इस शब्द को खूब सुनते रहते हैं। जिसके बारे में अभी तक गंभीरता से ध्यान ही नहीं दिया। वैसे सुई धागा का तो बस एक ही काम होता है और वो है सिलाई करना। किसी चीज़ को सिलने में सुई धागा का उपयोग होता है, बस। लेकिन बड़ा सवाल तो यह है कि बड़ी धमाकेदार फिल्में देने वाले यशराज बैनर की इस फिल्म में सुई धागा का क्या काम है?

वैसे इस फिल्म के अब तक जितने भी प्रोमो और पोस्टर देखने को मिले हैं उनमें अगर गौर करें तो वरुण धवन और अनुष्का शर्मा एक आम परिवार के सदस्य की तरह नजर आते हैं। वरुण धवन कहीं कहीं तो दर्जी की तरह दिखाई देते हैं और अनुष्का शर्मा एक आम भारतीय औरत की तरह कढ़ाई का काम करती हुई दिखाई देती हैं। मतलब कि दोनों इस फिल्म में सिलाई-कढ़ाई करने वाले के किरदार में हैं। वरुण धवन और अनुष्का शर्मा का ये लुक लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है। उनके इस लुक में उनके फैन्स काफी दिलचस्पी ले रहे हैं।लेकिन देखने वाली बात तो यह होगी कि दर्शकों को इसकी कहानी कितना पसंद आती है।


अब चर्चा करते हैं फिल्म के टाइटिल पर।
दरअसल यहां सुई धागा स्वदेशी ब्रांड के प्रतीक के तौर लिखा गया है। कॉमेडी ड्रामा दम लगा के हइशा फेम डायरेक्टर शरत कटारिया द्वारा निर्देशित इस फिल्म के पोस्टर पर सुई धागा के आगे मेड इन इंडिया लिखा है। मतलब कि टेक्सटाइल उद्योग, देसी उत्पाद, स्व-रोजगार, कौशल विकास और कुटीर उद्योग के क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के मकसद से इस फिल्म का निर्माण किया गया है। लेकिन इतना गंभीर और सार्थक थीम होने के बावजूद फिल्म को कॉमेडी ड्रामा बनाकर प्रस्तुत किया गया है ताकि दर्शकों को फिल्म बोझिल ना लगे।
फिल्म की शूटिंग मध्यप्रदेश के चंदेरी में भी हुई है। कहानी की शुरुआत भी वहीं से होती है। फिल्म में चंदेरी की साड़ी के कारोबार को भी अच्छे तरीके से दिखाया गया है। देश के छोटे शहरों, गांवों और कस्बों में आज भी बहुत से ऐसे परिवार हैं, जिनके पास इतनी आर्थिक क्षमता नहीं है कि वे कारोबार के लिए बड़ी मशीनों को खरीद सकें, तो ऐसे में वे आमलोग अपने हाथों से ही सिलाई, कटाई और बुनाई का काम करते हैं और अपने घर की रोजी-रोटी चलाते हैं। वरुण धवन और अनुष्का शर्मा इस फिल्म में भी ऐसे ही जोड़ीदार बने हैं जो शून्य स्तर से जी तोड़ मेहनत करते हैं और संघर्ष भरा जीवन जीते हैं। वरुण धवन का लुक एक बार फिर छोटे शहर के छोकरे वाला है। यह लुक काफी आम सा लगता है।

वास्तव में देश के गरीब वर्ग के भीतर अपने काम काज के प्रति आत्मविश्वास जगाने की प्रेरणा देने और उनके हुनर को योग्य बाजार देने में मदद करने के लिए यह फिल्म बनाई गई है। यानी हम सकते हैं यह सुई धागा समाज के अमीर  और गरीब वर्ग को जोड़ती है। जमीन से जुड़ी कहानी और किरदार होने के कारण यह फिल्म काफी लोकप्रिय हो सकती है।

वरुण ग्रोवर द्वारा लिखे और अनु मलिक द्वारा कम्पोज किए गए फिल्म के गाने पहले ही काफी हिट हो चुके हैं। सुखविंदर सिंह और सलमान अली द्वारा गीत सब बढ़िया है गाना काफी लोकप्रिय हो चुका है। फिल्म में वरुण और अनुष्का की जोड़ी भी काफी आकर्षक दिख रही है। फिल्म के प्रोड्यूसर्स में आदित्य चोपड़ा के अलावा मनीष शर्मा भी हैं जिन्होंने इससे पहले यशराज बैनर के लिए ही अनुष्का के साथ बैंड बाजा बारात और लेडी वर्सेस रिकी बहलजैसी सुपरहिट फिल्में बनाई थी। यानी ये हिट जोड़ी एक बार फिर पर्दे पर तो सुई धागा मेड इन इंडिया के भी सुपरहिट की पूरी संभावना बनती है।
(Email : pictureplus2016@gmail.com)



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad