अक्षय कुमार से क्यों मिलती है रणवीर सिंह की शादी की ये कहानी? - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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सोमवार, 22 अक्तूबर 2018

अक्षय कुमार से क्यों मिलती है रणवीर सिंह की शादी की ये कहानी?

 दीपिका-रणवीर-लीला : भंसाली ने लिख दिया भाग्य

14-15 नवंबर को होगी दीपिका-रणवीर की शादी

*संजीव श्रीवास्तव
बॉलीवुड की ये बड़ी शादी है। दो सुपरस्टार की शादी। दो बड़े स्टेटस का महामिलन। दो चर्चित कपल की बहुप्रतीक्षित शादी। तो इसे कहते हैं बैंड बाजा बारात और धमाका।
धमाका इसलिए कि कोपेनहेगेन में जन्मीं दीपिका पडुकोण को लाइफ में सक्सेसफुल, एक जिंदादिल, हंसोड़ दूल्हा मिला तो वहीं रणवीर सिंह को भी दुल्हन के रूप में वेल सेटल्ड फैमिली की खूबसूरत बेबी डॉल सी बेटी मिली। यह मिलन मामूली नहीं है। रणवीर सिंह ने जब संघर्ष करना शुरू किया था, उस वक्त दीपिका एक सफल मॉडल बन चुकी थीं और साल 2007 में शाहरुख खान के साथ उसकी फिल्म ओम शांति ओम आ चुकी थी। फिल्म में उसकी अपीयरेंस की काफी सराहना की गई थी। दीपिका ने अपनी छरहरी काया से सबका दिल जीत लिया था।
उधर तब तक वैसे तो रणवीर सिंह अमेरिका से पढ़ाई करके मुंबई आ चुके थे लेकिन फिल्मों में काम नहीं मिला था। इस वक्त रणवीर सिंह विज्ञापन एजेंसी के लिए कॉपी लिखा करते थे।
साल 2010 में जब यशराज बैनर की फिल्म बैंड बाजा बारात में रणवीर सिंह को ओपनिंग मिली तो उसने भी अपनी पहली ही फिल्म में अपनी तेज तर्रार चमक दमक का प्रभाव पैदा किया। यानी दोनों स्टार अपनी डेब्यू फिल्म से ही सबकी नजरों में आ ही नहीं गये बल्कि छा भी गये थे।
लेकिन दोनों को साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका दिया - संजय लीला भंसाली ने। भंसाली ने दोनों का भाग्य लिख दिया। राम-लीला फिल्म के सेट पर  दोनों की नजदीकियों ने एक दूसरे की जिंदगी के झरोखे में झांकने का अवसर दिया। इसके बाद जब भंसाली ने इन दोनों को एक बार फिर बाजीराव मस्तानी में साथ-साथ उतारा तो दो जवानी-दीवानी की कहानी सबकी जुबानी हो गई। पहली फिल्म में परिचय, दूसरे में प्यार और जब संजय लीला भंसाली इनकी तीसरी फिल्म लेकर आये-पद्मावत तो इनकी शादी पक्की हो गई। गौरतलब है कि तीनों ही फिल्मों में दोनों की कैमिस्ट्री को दर्शकों की सराहना मिली है। दोनों की जोड़ी खूब जमी। पद्मावत में दोनों साथ-साथ तो पर्दे पर नहीं दिखे लेकिन इनकी उपस्थिति साथ-साथ होने का अहसास कराती रही। वाकया दिलचस्प है कि पद्मावत के बाद से ही दीपिका ने कोई फिल्म साइन नहीं की। दोनों के बीच करीब पांच साल तक प्यार चलता रहा। लेकिन अब जाकर दोनों के प्यार ने मंजिल पाई है।

'बाजीराव-मस्तानी' और 'राम लीला' 

मुझे दीपिका पडुकोण और रणवीर सिंह की जोड़ी को देखकर मुझे अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की जोड़ी की बरबस याद आती है। हालांकि दीपिका की तरह ट्विंकल ने ऊंचाई हासिल नहीं की। लेकिन एक समानता अक्षय कुमार और रणवीर सिंह की गैर-फिल्मी पृष्ठभूमि वाली जिंदगी को लेकर है। जिस तरह अक्षय कुमार बॉलीवुड में बाहर से आकर स्ट्रगल करते हैं और ऊंचाई हासिल कर उस मुकाम को पाते हैं जहां वो राजेश खन्ना-डिंपल कपाड़िया जैसी ऊंची हस्ती की बेटी का हाथ थामने लायक खुद का स्टेटस बना पाते हैं। यह बात मामूली नहीं। जिस वक्त अक्षय कुमार फिल्मों में नहीं आये-उस वक्त सपने में भी नहीं सोचा रहा होगा कि उनकी शादी एक दिन राजेश खन्ना की बेटी के साथ होगी।
कुछ वही हाल रणवीर सिंह का भी है। रणवीर सिंह गैर-फिल्मी तो क्या एकदम गैर-सेलेब फैमिली से भी हैं। जबकि भले ही दीपिका फिल्मी बैकग्राउंड से ना हो लेकिन प्रकाश पडुकोण जैसी स्पोर्ट्स शख्सियत की बेटी होना-उसके ऊंचे रसूख को दर्शाता है। फिल्म में उसकी सफलता में जितना योगदान उसकी मेहनत, प्रतिभा का है उतना ही उसके इस रसूख का भी है कि वह प्रकाश पडुकोण की बेटी हैं। अब जबकि पिछले पांच-सात सालों में रणवीर सिंह ने अपनी मेहनत के बल पर जो सफलता और ऊंचाई हासिल की है तो दीपिका के हाथ को थामने का स्टेटस भी हासिल कर लिया है। दीपिका ने बड़प्पन दिखाया और रणवीर की राइजिंग लाइफ को थंप्स अप किया। उसी तरह जैसे कि राजेश खन्ना-डिंपल ने अपने ऊंचे रसूख के गर्वीले अहसास को त्यागकर अक्षय कुमार जैसे स्थापित हो रहे अभिनेता के हाथों में ट्विंकल का हाथ सौंप दिया।
सच वर्तमान स्टेटस ही सबकुछ होता है। वह किसी भी इंसान की पृष्ठभूमि को झट धूमिल कर देता है। 
*लेखक पिक्चर प्लस के संपादक हैं।
संपर्क - (Email-pictureplus2016@mail.com)

अक्षय कुमार और ट्विंकल शुरुआती दिनों में

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