फिल्म फ्लॉप नाम सुपरहिट...! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

नवीनतम

शनिवार, 24 नवंबर 2018

फिल्म फ्लॉप नाम सुपरहिट...!


फिल्म समीक्षा
भैयाजी सुपरहिट
निर्देशक - नीरज पाठक
कलाकार - सनी देओल प्रीति जिंटा, अमीषा पटेल, श्रेयस तलपड़े, अरशद वारसी


*रवींद्र त्रिपाठी
कभी कभी कॉमेडी के साथ ट्रेजडी हो जाती है। `भैयाजी सुपरहिट के  साथ भी यही हुआ है। इस अर्थ में कि इसे बनने में कई साल लग गए। यह छह-सात साल पहले बननी शुरू हुई थी। अब जाकर रिलीज हुई है। खासकर उस वक्त में जब सनी देओल को एक सुपरहिट फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। उनकी पिछली दो फिल्में `यमला पगला दीवाना-2 और `मोहल्ला अस्सीबॉक्स आफिस पर धराशायी हो चुकी हैं। क्या इस फिल्म के नाम में `सुपरहिट शब्द होना सनी देओल की मदद करेगा?  आसार कम है क्योंकि इसके चुटकुले तो मजेदार हैं लेकिन कहानी में झोल है। हालांकि फिल्म का आइडिया अच्छा है। लेकिन एक अच्छे आइडिया को फिल्म में बदलने में पूरी तैयारी करनी पड़ती है। वो नहीं हुई।
फिल्म की कहानी
फिल्म में सनी देओल ने भैयाजी नाम के एक शख्स का किरदार निभाया है। भैयाजी दबंग किस्म का शख्स है। बनारसी। समझ लीजिए डॉन। वो अपनी पत्नी सपना दुबे (प्रीति जिंटा) से बेतरह प्यार करता है। लेकिन वो प्यार क्या जिसमे तकरार न हो। सो सपना अपने पति से कुछ वजह से नाराज हो जाती है। सपना भी एक बड़े ड़ॉन की बेटी है इसलिए वो भी गुमान में रहती है। उसके अपने नखरे हैं।  अब भैया जी परेशान। क्या करें। वे सपना को घर लाने के लिए एक फिल्म बनाना शुरू करता है। फिल्म भैया जी औऱ सपना को लेकर है। भैयाजी एक  फिल्म निर्देशक गोल्डी कपूर (अरशद वारसी) , लेखक तरुण पोर्नो घोष श्रेयस तलपड़े और सुपर स्टार मल्लिका (अमीषा पटेल) का साथ लेता है। लेकिन फिल्म के पूरा होने में कई बाधाएं आ जाती है। एक बाधा तो भैयाजी का प्रतिद्वंदी हेलीकॉप्टर मिश्रा  (अहलावत) है। वो खलनायक की तरह है। और इस सबके बीच कहनी में भैयाजी नाम के एक और शख्स का प्रवेश होता है। यानी सनी देओल का डबल रोल। इस वजह से फिल्म में कई उलझाव पैदा होते हैं और उसके बाद तो फिल्म संभलती नहीं।
कहां चूक गई फिल्म?
ये एक दिलचस्प कॉमेडी हो सकती थी। पर जैसे निर्दशक ने मानों खुद अपने पांवों में कई तरह की बेड़ियां पहन ली हैं जिसके कारण फिल्म का आगे बढ़ना कठिन हो जाता है। सनी देओल के अलावा प्रीति जिंटा और अमीषा पटेल जैसे किरदारों का फिल्मी कैरियर भी ढलान पर है। ये फिल्म उनके फिल्मी भविष्य को बेहतर नहीं बना पाएगी। ये कलाकार आज के जमाने के नहीं लगते। अगर इनकी छवि में बदलाव किया जाता तो शायद ये दर्शकों के दिल को छू पाते। ऐसा नहीं हुआ। `भैया जी सुपरहिटन गाने अच्छे हैं और न संगीत। संवाद कुछ बेहतर है। इस मायने में कि हंसाते हैं। पर इतने से काम नहीं चलता।
*लेखक जाने माने कला और फिल्म समीक्षक हैं।
दिल्ली में निवास। संपर्क – 9873196343

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad