फिल्मी पर्दे पर कंबोडियाई नरसंहार का क्रूर सच ! - PICTURE PLUS Film Magazine पिक्चर प्लस फिल्म पत्रिका

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गुरुवार, 5 सितंबर 2019

फिल्मी पर्दे पर कंबोडियाई नरसंहार का क्रूर सच !

बड़े कलाकार इस तरह के मुद्दों वाली फिल्मों को बनाने एवं फिल्म में काम करने के लिए कई बार सोचते हैं। पर एंजेलिना जोली ने जिस तरह इस फिल्म के निर्माण में साहसिक सहयोग किया है वैसा उदाहरण बहुत ही कम देखने को मिलता है

First They killed my father

कम्युनिस्ट आतताइयों (Khmer Rouge) की बर्बरता को दर्शाती यह फिल्म कई बार रुलायेगी। इतने साल के संघर्ष के बाद आज कंबोडिया में सुकून है। इतना सुंदर देश पर कितना कुछ झेल कर अपने पैरों पर आज खड़ा हुआ है। लाल झंडे के नीचे लाखों लोगों का जिस तरह खून बहाया वह घृणास्पद और अमानवीय कृत्य था। 

इस फिल्म को बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है जानी मानी अभिनेत्री एंजेलिना जोली की। वे इस फिल्म की निर्देशिका हैं। उन्होंने इस तरह की घटना पर जिस बेबाकी के साथ फिल्म बनाई वह अद्भुत था। बड़े कलाकार इस तरह के मुद्दों वाली फिल्मों को बनाने एवं फिल्म में काम करने के लिए कई बार सोचते हैं। पर एंजेलिना जोली ने जिस तरह इस फिल्म के निर्माण में साहसिक सहयोग किया है वैसा उदाहरण बहुत ही कम देखने को मिलता है। 

इस फिल्म को देख कर आप यह जान सकते हैं कि जिनके नाम का ढिंढोरा हमारे यहां के कुछ तथाकथित लोग दिनभर पीटते हैं उनका इतिहास कितना भयानक और बद्तर रहा है। उनके हाथ लाखों लोगों के खून से रंगे हुए हैं।
ऐसा नहीं है कि जुर्म एवं अत्याचार सिर्फ उन्हीं लोगों ने किये हैं। पर उन लोगों ने किये हैं यह सच है और इसे हमें समझना भी होगा। 
फिल्म देखना चाहिये, इसलिए नही कि कम्युनिस्ट कम्युनिटी की बखिया उधेड़ी गई है। इसलिए कि यह इतिहास है जो झूठ नहीं है, बनावटी नहीं है और लैला जैसी वेब सीरीज की तरह फिक्शनल नहीं है। 
यह राष्ट्रीय त्रासदी पर बनी अनोखी फिल्म है जिसमे एक छोटी सी बच्ची के जरिये कहानी कही गई है। जो भी उसने देखा, सुना या अनुभव किया। 
Lound ung की लिखी नॉवेल पर फिल्म बनाई गई है। #LoungUng इस फिल्म की को - राइटर भी है। 

फिल्म के भावनात्मक दृश्यों को जिस उत्कृष्ठता के साथ युवा अभिनेत्री Sareyum Sarey moch  ने अभिनय किया है वह दर्शकों को अंदर तक प्रभावित करता है। चूंकि यह किसी की कपोल कल्पना पर आधारित फिल्म नहीं है इसलिए दर्शक इस फिल्म से और अधिक सहजता से जुड़ जाते हैं।

यह फिल्म एक बार में पूरी देखना कठिन है। जिस तरह की निर्ममता एवं नृसंशता दिखाई गई है वह किसी भी दर्शक को हिला कर रख देगी। 
फिल्म का निर्देशन #AngelinaJolie ने ही किया है पर उन्होंने खुद को इस फ़िल्म की चर्चा का विषय नहीं बनने दिया। फिल्म जोली की वजह से नहीं अपनी दमदार पटकथा एवं सशक्त अभिनय के लिए जानी जायेगी साथ ही जिस तरह इस फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा गया वह चमत्कारिक है। 



दृश्यों पर बहुत अधिक समय तक फ़ोकस नहीं किया गया है। यह इसलिए कि ऑडियन्स उन भावनात्मक दृश्यों के जोन में ना जाए जिससे आगे की फिल्म की कहानी पर असर हो और वे उसे समझ ना पाये। 
इस तरह की रचनात्मकता फिल्म कला को आसमान सी ऊंचाई देने में सक्षम है। 

हालांकि फिल्म में कुछ बेवजह के दृश्यों को डाल कर वक़्त की बर्बादी की गई है। इसके बावजूद फिल्म कंबोडियाई नरसंहार की जिस तरह से संदर्भ सहित व्याख्या करती है वह बिना किसी डर या समझौते के तहत किया गया है। लोग इस नरसंहार के बारे में क्या सोच रखते हैं। क्या इस फिल्म से जोली की फैन फॉलोइंग में गिरावट आएगी इन सबके परे उन्होंने फिल्म में जान लगाकर कर ईमानदारी पूर्वक काम किया है जो आज सबके सामने हैं।

-मयंक अग्निहोत्री
संपर्क - mayankagni769@gmail.com

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